Wednesday, May 27, 2009

रिज़र्वेशन का टुकडा .....एक दुर्भाग्य

ऐसा कौन सी मज़बूरी हमारी पॉलिटिक्स में है जो सभी लोगों को एक नज़र से नही देख सकते .........आख़िर देश को बाँट कर राज करना चाहते हैं ...सुप्रीम कोर्ट भी एक फोर्मलिटी सा हो गया है ...इधर सुप्रीम कोर्ट आर्डर करता है उधर १०वि क्लास पास नेता जी ....नया विधेयक पास कर देते हैं और आर्डर की ऐसी की तैसी हो जाती है .........क्लेअर मतलब है ...कि एक क्लास १० पास नेता ....सुप्रीम कोर्ट के जज से कहीं ज्यादा सक्षम और समज्ह्दर हो गया है और कुछ भी कर सकता है..........ये कैसी विडम्बना है हमारे देश में.....अपना घर भर लो ....ये कब बंद होगा ...कुछ शिक्षा लेनी चाहिए अमेरिका और इसके जैसे दूसरे कंट्री से....कितनी इमानदार और अनुशाषित लोग हैं .....दुर्भाग्य है कोई ये आवाज़ नही उठाता ...हम सब बराबर हैं ...हमें फ्री का रिज़र्वेशन नही चाहिए ....हाँ हम गरीब हैं ....सहायता चाहिए लेकिन फ्री कि नौर्करी नही .........जाती के नाम ....रोटी का टुकडा जैसे एक कुत्ते को डालते हैं ....रिज़र्वेशन का टुकडा दाल देते हैं ....और वोट ले लेते हैं .........इससे ज्यादा गिरी हुई सोच पूरे विश्व में नही मिलेगी.....

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